भाजपा के जीरो टाॅलरेंस के दावे की पोल खोल रही 10 करोड़ की रीजेंट खरीदी : विनोद चंद्राकर

भाजपा के जीरो टाॅलरेंस के दावे की पोल खोल रही 10 करोड़ की रीजेंट खरीदी : विनोद चंद्राकर

June 25, 2026 0 By Central News Service

महासमुंद 25 जून 2026// पूर्व संसदीय सचिव छग शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार का प्रमुख केंद्र बना दिया है। 10 करोड़ की रीजेंट खरीदी का घोटाला भाजपा के ‘जीरो टॉलरेंस’ के झूठे दावे की कलई खोल रही है।

चंद्राकर ने कहा कि 10 करोड़ रुपये की रीजेंट खरीदी में घोटाला कोई प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि जनता के पैसे पर सुनियोजित डाका है। जो सरकार की नीयत और नीति दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। चंद्राकर ने सवाल किया कि 21 जनवरी को कैबिनेट ने प्रदेश के सभी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सरकारी पैथोलॉजी लैब को बंद कर पूरा काम एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) को सौंपने का फैसला ले लिया था, तब कैबिनेट के इस फैसले के ठीक 48 घंटे बाद 23 जनवरी को सीजएमएससी ने आनन-फानन वैनगार्ड कंपनी को 10 करोड़ रुपये का रीजेंट सप्लाई करने का ऑर्डर क्यों दे दिया। जब सरकार को पहले से पता था कि सरकारी लैब बंद होने वाली है, और पुरानी मशीनें कबाड़ में जाने वाली हैं तो फिर उन्हीं मशीनों के लिए 10 करोड़ का रीजेंट क्यों खरीदा गया। यह ऑर्डर किसे फायदा पहुंचाने के लिए कैबिनेट के फैसले के तुरंत बाद दिया गया, इसका जवाब भाजपा की साय सरकार देना चाहिए।

चंद्राकर ने कहा कि यह है कि हर पैथोलॉजी मशीन का रीजेंट अलग होता है। एचएएल जब नई मशीनें लगाएगी तो सरकारी पैसे से खरीदा गया यह 10 करोड़ का रीजेंट उन मशीनों में काम ही नहीं आएगा। साफ है कि यह पूरा स्टॉक गोदाम में पड़ा-पड़ा एक्सपायर हो जाएगा। साफ जाहिर है भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए जान बूझकर 10 करोड़ रुपये का नुकसान कराया। ताकि, किसी खास कंपनी या बिचौलिए को फायदा पहुंचाया जा सके। इस पूरे मामले में गरीब मरीजों के साथ सबसे बड़ा धोखा किया गया है। सरकार ने एचएएल का सबसे महंगा मॉडल-3 मंजूर किया है। जिसमें जांच दरों पर मरीजों को काेई छूट नहीं मिलेगी। जांच के लिए सरकारी बिल्डिंग का इस्तेमाल होगा, सरकारी बिजली खर्च होगी, सरकारी स्टाफ काम करेगा, लेकिन गरीब मरीज से जांच का पूरा पैसा वसूला जाएगा। 

चंद्राकर ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह कमीशनखोरी की भेंट चढ़ चुकी हैं। पहले सरकार ने सरकारी लैब को बेचकर निजी हाथों में सौंप दिया और अब एक्सपायर होने के लिए 10 करोड़ का रीजेंट खरीदकर जनता के पैसे को लुटाया जा रहा है। यह सरकार गरीब विरोधी और भ्रष्टाचार समर्थक है। भाजपा जो दिन-रात गरीब कल्याण का नारा लगाती है, उसी ने सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर निजी कंपनियों को गरीब की जेब काटने का लाइसेंस दे दिया है। यह भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि 10 करोड़ रुपये की इस रीजेंट खरीदी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर जिम्मेदार सभी अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज की जाए। अन्यथा प्रदेश की जनता इस घोटालेबाज सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।