खट्टी पंचायत में 25 लाख से अधिक का घोटाला… सफाई के नाम कचड़े कि ढेर… जानें क्या है पुरा मामला….
June 25, 2026
संपादक मनोज गोस्वामी
महासमुंद 25 जून 2026/ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खट्टी इन दिनों भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में है। 24 जून को आयोजित ग्राम सभा उस समय अखाड़े में तब्दील हो गई, जब ग्रामीणों और पंचों ने सरपंच श्रीमती अनिता मोती मेहर के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं की पोल खोलते हुए तीखे सवाल खड़े किए। यह ग्राम सभा विकास कार्यों की समीक्षा के बजाय सरपंच के पति के हस्तक्षेप और लाखों रुपये के गबन के आरोपों पर केंद्रित रही।
सफाई के नाम पर 25 लाख का गबन, धरातल पर केवल गंदगी का साम्राज्य
ग्राम सभा में सबसे बड़ा हंगामा ‘सफाई मद’ में खर्च की गई राशि को लेकर हुआ। ग्रामीणों के तीखे तेवरों ने प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया। पंचों का आरोप है कि बीते समय में सफाई के नाम पर सरकारी खजाने से 25 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाली जा चुकी है, लेकिन गांव की गलियां और नालियां आज भी गंदगी से पटी पड़ी हैं। ग्रामीणों ने इसे सीधे तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग और बड़ा घोटाला करार दिया है।
सरपंच पति का ‘पंचायत दरबार’, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
विवाद का एक मुख्य केंद्र सरपंच के पति हैं, जो स्वयं खैरा पंचायत में सचिव के पद पर तैनात हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वे अपनी ड्यूटी छोड़कर खट्टी पंचायत के हर प्रशासनिक निर्णय, बैठक और वित्तीय कामकाज में अवैध रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं। पंचायती राज अधिनियम के तहत निर्वाचित प्रतिनिधि के कार्य में बाहरी व्यक्ति का यह हस्तक्षेप न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
व्यावसायिक परिसर में ‘चखना सेंटर’, सरकारी स्कूल-अस्पताल के पास खिलवाड़
पंचायत द्वारा बनाए गए व्यावसायिक परिसर को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। बिना किसी आधिकारिक प्रस्ताव या नीलामी प्रक्रिया के, एक व्यक्ति को दुकान आवंटित कर वहां ‘चखना सेंटर’ संचालित करवाया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह परिसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी स्कूल के अत्यंत निकट है। यहाँ फैली गंदगी, शराब की बोतलों और डिस्पोजल के कचरे से विद्यार्थियों और मरीजों का स्वास्थ्य खतरे में है।
आंगनबाड़ी तक पहुंचना हुआ दूभर, बदबू और गंदगी के बीच मासूम
पूर्व सरपंच की गली में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर का नजारा बेहद भयावह है। नाली निकासी बंद होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है और चारों ओर सड़ांध फैली हुई है। नन्हे-मुन्ने बच्चे इसी दूषित माहौल से गुजरकर शिक्षा लेने को मजबूर हैं। साथ ही, क्षेत्र में महीनों से बंद पड़ा बोर खनन का अधूरा काम पंचायत की सुस्त कार्यप्रणाली और लापरवाही की कहानी खुद बयां कर रहा है।
ग्रामीणों की चेतावनी “कार्रवाई नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन”
ग्राम सभा में आक्रोशित ग्रामीणों और पंचों ने एक सुर में उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जिला प्रशासन ने इन अनियमितताओं की गहन जांच कर दोषी सरपंच, उनके पति और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो वे इसे लेकर प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रशासन के लिए बड़ा सवाल
आखिर 25 लाख रुपये की सफाई राशि कहां गई? और एक सरकारी कर्मचारी (सचिव) को सरपंच के कार्यों में हस्तक्षेप करने की अनुमति किसने दी? खट्टी पंचायत के लोग अब सिर्फ जांच का आश्वासन नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई देखना चाहते हैं।
ग्राम पंचायत खट्टी का मामला संज्ञान में आया है जिसकी शिकायत को लेकर मै जिला सी ई ओ को कार्यवाही पंचायत अधिनियम की बिंदुवार जांच कर कार्यवाही करे।
विनय कुमार लंगेह
कलेक्टर जिला महासमुंद छत्तीसगढ़


